सीएम योगी बोले- फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले ही जारी करें नोटिस, जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं
CM Yogi Holds Review Meeting
लखनऊ। CM Yogi Holds Review Meeting: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसुरक्षा के मुद्दे पर जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला अस्पतालों और होटलों की फायर एनओसी का तत्काल सत्यापन कराया जाए।
जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने वाली है या फिर जिनके पास अब तक वैध एनओसी नहीं है, उन्हें समय रहते नोटिस जारी किए जाएं।
जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ बैठक कर फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।
रविवार को आगरा व हाथरस के दौरे से लौटने के बाद शाम को अपने आवास में स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डाटा सेंटर और ईवी चार्जिंग आदि की समीक्षा करते हुए कहा कि हर परियोजना तय समय में गुणवत्ता के साथ पूरी की जाए।
बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर यानी 84.80 प्रतिशत भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कहा कि नए एक्सप्रेसवे प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई धुरी बनेंगे, इसलिए इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए भी पर्याप्त भूमि समय रहते उपलब्ध कराई जाए।
साथ ही आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
ग्रेटर नोएडा स्थित मल्टी मोडल लाजिस्टिक हब और मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शेष भूमि अधिग्रहण और विकासकर्ता चयन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।
औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए प्रस्तावित माडल बिल्डिंग बायलाज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर 15 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए और संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्य, जिला और विकास खंड स्तर पर रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना अब समय की आवश्यकता है।
उन्होंने निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने, अनुमतियों की प्रक्रिया सरल बनाने और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने की जानकारी भी दी गई।
वहीं लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मैनहोल से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों को हटाने और पृथक्करण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरठ, आगरा और सहारनपुर मंडलों में फीडरवार लाइन लास के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
कहा कि जहां भी बिजली चोरी की शिकायतें मिलें, वहां विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।